जेल से रिहाई के बाद ज़ख्मी शेर की तरह दहाड़े अर्णब गोस्वामी, चलते शो में मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। अर्णब गोस्वामी को 2 साल पहले हुए इंटीरियर डिज़ाइनर की आत्महत्या के केस में गिरफ्तार कर लिया गया था। एक ओर जहां मुंबई हाईकोर्ट ने उनकी जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी। वही सुप्रीम कोर्ट ने उनके अधिकारों की रक्षा करने का हवाला देते हुए उन्हें जमानत दे दी है।

अदालत ने सरकार और हाई कोर्ट से भी अपील की है कि, इस तरह किसी के नीजी अधिकारों का हनन नहीं किया जाना चाहिए। जेल से बाहर आने के बाद अर्णब गोस्वामी किसी जख्मी शेर की तरह दहाड़ रहे हैं। उन्होंने बाहर आते ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इंटरव्यू देने की चुनौती दे डाली थीं। वहीं अब उन्होंने एंकरिंग में भी वापसी कर ली है। उन्होंने पहले ही शो में उद्धव ठाकरे से इस्तीफा देने तक की बात कर डाली।

हमले से हुए हैं मजबूत

जेल से रिहाई के बाद अपने पहले शो में अर्णब गोस्वामी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि, लोगों को लगता है कि वह अपनी सत्ता की शक्ति से उनके ऊपर फर्जी आरोप लगाकर उन्हें कुचल सकते हैं। लेकिन वह सबको बताना चाहते हैं कि, इस हमले के बाद वह और भी मजबूत हो गए हैं। अब वह किसी भी मुसीबत से टकरा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा है कि, कुछ लोगों ने झूठ का सहारा लेते हुए उन्हें बहुत परेशान किया है। लेकिन अब सच के आगे उनका झूठ हार गया। ऐसे हारे हुए लोगों को इस्तीफा भी दे देना चाहिए। 

खर्च किए करोड़ों रुपए

अर्णब गोस्वामी ने उद्धव ठाकरे को निशाना बनाते हुए आगे कहा है कि, वह उनके सच से टकराने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन वह उनसे हार गए हैं। यह जीत देश के 130 करोड़ लोगों की जीत है। उन्होंने आगे कहा कि, उनसे लड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपए खर्च कर दिए हैं। जबकि यह पैसा उन्हें जनता के लिए खर्च करना चाहिए था।

अर्णब गोस्वामी इतने पर भी शांत नहीं हुए, उन्होंने आगे कहा कि, उन्होंने अपने चैनल पर मुख्यमंत्री का नाम लिया है इस वजह से मुख्यमंत्री उनसे नाराज है। यहां तक की उनके ऑफिस वालों ने भी बताया है कि इन दिनों मुख्यमंत्री सारे काम छोड़कर केवल रिपब्लिक टीवी के पीछे पड़े हुए हैं। वह अब बस यही कहते रहते हैं कि रिपब्लिक मीडिया पर कौनसा नया केस डालना है। 

मुख्यमंत्री के तौर पर है नाकाम

अर्णब गोस्वामी ने बहस को आगे बढ़ाते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री के आसपास चार लोगों को छोड़कर सभी यह मानते हैं कि वह मुख्यमंत्री बनने के योग्य नहीं है। लेकिन कोई भी उनके मुंह पर यह कहने की हिम्मत नहीं रखता है। लेकिन उनके अंदर वह हिम्मत है। इसीलिए वह साफ तौर पर कहते हैं कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री के तौर पर नाकाम हैं।

इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को उनके साथ लाइव डिबेट करने की भी चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि, कोई भी लाख कोशिशों के बाद भी उनका और उनके चैनल का कुछ नहीं बिगाड़ पाया है। अगर मुख्यमंत्री के अंदर इतनी हिम्मत है तो उन्हें उनके साथ सामने बैठ कर बात करनी चाहिए।

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