अर्नब की दो टूक, कहा – उद्धव जी के साथ दुबई वाले भाई जान हैं, रिया है तो क्या…

सुशांत सिंह राजपूत को इंसाफ दिलाने की मुहिम छेड़ कर रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क बहुत हाईलाइट हो गया है। चैनल की टीआरपी में भी एकदम से इजाफा देखने को मिला। बता दे कि शो के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी ने मुंबई पुलिस से लेकर मुख्यमंत्री तक पर सवाल खड़े किए थे। जिसके बाद सबसे पहले उनका नाम टीआरपी स्कैम में घसीटा गया। वही उन्हे विधानसभा सचिवालय ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी भेजा। बता दे कि विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव के मामले में अर्णब गोस्वामी को चौथी बार शुक्रवार को विधानसभा में पेश होने का नोटिस दिया गया। वहीं, अर्णब की ओर से दावा किया गया है कि नोटिस उन्हें दोपहर 2.50 बजे मिला। उन्हें सिर्फ 10 मिनट में यानी 3 बजे तक पेश होने के लिए कहा गया था। इस नोटिस के खिलाफ अब रिपब्लिक मीडिया सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।

पूछता है भारत में दिखाया गुस्सा

View this post on Instagram

@myogi_adityanath उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी CBI से कराए जाने की सिफारिश की है। सीएमओ ऑफिस के ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा गया है कि, 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सम्पूर्ण हाथरस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराए जाने के आदेश दिए हैं।' बता दें, इससे पहले इस मामले में सीएम योगी ने SIT गठित की थी। जिसने शुक्रवार को अपनी पहली रिपोर्ट सौंपी थी। जिसके बाद लापरवाही बरतने वाले SP समेत अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। वहीं अब यूपी सरकार की सिफारिश पर केंद्र सरकार मुहर लगा देती है तो हाथरस कथित गैंगरेप मामले की जांच CBI करेगी। पीड़िता के परिवार से मिले राहुल-प्रियंका इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हाथरस पहुंचे। जहां उन्होंने कथित तौर पर गैंगरेप पीड़िता के परिवारवालों से मुलाकात की। इस दौरान राहुल-प्रियंका गांधी ने बंद कमरे में पीड़िता के परिवार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने मीडिया से बात की। इस दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि 'ना वो हमें रोक सकेगें ना हम रूकेंगे। जहां-जहां ये अन्याय होगा हम वहां-वहां पहुंचेंगे।' क्या है पूरा मामला? गौरतलब है कि 14 सितम्बर को हाथरस में चार युवकों ने 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक रेप किया था और मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई जिसके बाद बुधवार की रात को उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया जिसका परिवार ने विरोध किया है। जिसपर राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा है कि ''एफएसएल रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महिला के साथ रेप या सामूहिक दुष्कर्म नहीं हुआ था।'' #hathras #yogiadityanath #arnabgoswami #puchtahaibharat

A post shared by अर्नब गोस्वामी (@arnab_goswamii) on

रिपब्लिक भारत  इसे बदले की कार्रवाई बता रहा है। चैनल का कहना है कि उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव निंदनीय और राजनीतिक उद्देश्यों पर आधारित है। वहीं अर्णब गोस्वामी ने चैनल के शो पूछता है भारत में नोटिस के खिलाफ अपना गुस्सा दिखाया। शो के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि, अगर वह उनपर हमला करते हैं तो वह चुप नहीं रहेंगे। वह इस तरह के पत्रकार नहीं है कि कोई उनपर अटैक करें और वह चुपचाप देखते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव जी के साथ दुबई वाले भाई जान हैं, ड्रग्स के बादशाह है और रिया चक्रवर्ती है तो क्या वह चुपचाप खुद पर अटैक होते देखें और कहे कि उनपर और अटैक करें। उन्होंने नोटिस के बारे में बात करते हुए कहा कि उनके पास कोई सोनिया सेना का उड़न खटोला नहीं है जिससे उड़कर वह 10 मिनट में विधानसभा पहुंच जाते। उनका कहना है कि अगर उनके पास कोई उड़न खटोला होता तो वह तुरंत ही विधानसभा में पेश हो जाते।

देश के संविधान पर है भरोसा

https://www.instagram.com/p/CFCFANngw8N/?igshid=y5mzdlwafwkb

अर्णब गोस्वामी ने आगे कहा कि देश की जनता उन पर भरोसा करती हैं। उनके ऊपर पूरे देश के लिए आवाज उठाने की जिम्मेदारी है। इसलिए वह हार नहीं मानेंगे क्योंकि उन्हें देश के संविधान पर पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें किस तरीके से महाराष्ट्र सरकार द्वारा परेशान किया जा रहा है। अर्णब गोस्वामी ने कहा की, उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा से एक के बाद एक नोटिस आ रहे हैं। लेकिन, वे उनके जवाबों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। ये तरीका अवैध और असंवैधानिक है। महाराष्ट्र विधानसभा का उद्देश्य महाराष्ट्र के लोगों की सेवा करना है, न कि रिपब्लिक से बदला लेना। ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नोटिस भेजा गया और 10 मिनट के अंदर विधानसभा में पेश होने के लिए कहा। इसका क्या मतलब है? महाराष्ट्र सरकार ने आज सार्वजनिक रूप से बदले की भावना दिखाई है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.