अर्नब गोस्वामी ने फिर लिया कमिश्नर परमबीर सिंह से पंगा, चलते शो में कर दिया नामकरण

रिपब्लिक टीवी नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी और मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के बीच धर्मयुद्ध शुरू हो गया है। एक ओर जहां अर्णब गोस्वामी मुंबई पुलिस और परमबीर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे हैं। वहीं परमबीर सिंह ने भी अर्णब गोस्वामी और उनके चैनल का नाम टीआरपी घोटाले में घसीटा था। अब अर्णब गोस्वामी ने अपने चैनल पर एक शो के दौरान पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को एक नया नाम दे डाला।

उन्होंने चलते शो में कमिश्नर को संबोधित करते हुए कहा कि, वह अब देश के सवालों से बच नहीं सकते हैं। अर्णब गोस्वामी का कहना है कि उनके पास किसी भी पार्टी का सपोर्ट नहीं है। ना ही उन्हें किसी भी प्रकार के सपोर्ट की जरूरत है क्योंकि उनके साथ देश की जनता है। अब उनके सवाल पूरे देश के सवाल बन चुके हैं जिससे मुंबई पुलिस नहीं बच सकती।

परमबीर सिंह को दिया यह नाम

अर्णब गोस्वामी ने अपने चैनल के शो ‘पूछता है भारत’ में कमिश्नर परमबीर सिंह को ‘परमपराजित’ कह कर पुकारा। उन्होंने सवाल किया कि मुंबई पुलिस किसे बचाने की कोशिश में लगी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि परमपराजित बेबी पेंगुइन को बचाने के लिए इस तरह के हथकंडे आजमा रहे हैं।

उन्होंने अपने चैनल पर की गई एफआईआर के बारे में भी सवाल पूछते हुए कहा कि, जब मुंबई पुलिस के पास में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं था तो फिर किस आधार पर एफआईआर दर्ज हुई। अर्णब गोस्वामी का कहना है कि मुंबई पुलिस सुशांत सिंह राजपूत के मामले में इतनी एक्टिव क्यों नहीं थी। अगर परमपराजित और उनके ऑफिसर्स के ऊपर गवाहों को डराने धमकाने के आरोप लगे हैं इस मामले में कोई सुनवाई क्यों नहीं होती।

एडिटोरियल टीम के खिलाफ भी की गई है शिकायत दर्ज

बता दे कि रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एंकर और रिपोर्टरों पर जहां टीआरपी स्कैम में मामला दर्ज किया गया है। वही अब चैनल की एडिटोरियल टीम के ऊपर भी मुंबई पुलिस को बदनाम करने के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की गई है। यह शिकायत सब इंस्पेक्टर शशिकांत पवार ने की है। दर्ज की गई रिपोर्ट में रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के डेप्युटी एडिटर सागरिका मित्रा, डेप्युटी एडिटर शावन सेन, एंकर शिवानी गुप्ता,कार्यकारी संपादक निरंजन नारायणस्वामी का नाम शामिल है। मुंबई पुलिस की शिकायत है कि रिपब्लिक मीडिया लगातार परमबीर सिंह के खिलाफ ऐसी खबरें दिखा रहा है जिससे कि पुलिस के दूसरे अधिकारी उनके खिलाफ हो जाए। रिपब्लिक मीडिया इसमें काफी हद तक सफल भी हो चुका है।

मुंबई पुलिस के कई जवान परमबीर सिंह के खिलाफ हो गए हैं। उन्होंने उनके आदेशों को मानने से भी इनकार कर दिया है। लिहाजा पुलिस अधिकारियों के बीच फूट डालने और मुंबई पुलिस को बदनाम करने के लिए रिपब्लिक मीडिया के खिलाफ यह एक्शन लिया गया है। रिपब्लिक मीडिया की एडिटोरियल टीम के खिलाफ पुलिस एक्ट 1922 की धारा 3 (1) और आईपीसी की धारा 500 (मानहानि) और धारा 34 के तहत केस दर्ज किया गया है।

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