B’day Special : सुशांत सिंह राजपूत के बहुत करीब थी उनकी माँ, हर कामयाबी में कुछ इस तरह करते थे याद

हर बच्चा अपनी माँ के बहुत करीब होता है। एक माँ ही होती है जिसके साथ वो अपनी बातें बांट सकता है। और एक माँ के पास ही वो शक्ति होती है कि अगर बच्चा ना बताना चाहे तो भी वो हर परेशानी को समझ जाती है। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का भी अपनी माँ के साथ कुछ ऐसा ही रिश्ता था। आइये आपको बताते हैं सुशांत और उनकी माँ के बीच रिश्ते की कहानी।

सुशांत सिंह राजपूत ने इस दुनिया को अलविदा कहने से 10 दिन पहले आखरी बार अपनी माँ को ही याद किया था। बता दें यह उनके जीवन का अंतिम पोस्ट था जिसमें उन्होंने बहुत भावुक कर देने वाला पोस्ट लिखा था जो इस तरह से था, ‘आँसुओं के वाष्पीकरण से अतीत की यादें धुंधली हो गई हैं। कभी न ख़त्म होने वाले सपनों से मुस्कान बनती है। और तेज़ी से ख़त्म होती ज़िंदगी दोनों को जोड़ती है।’

गौरतलब है कि सुशांत जब महज़ 16 साल के थे तब उनकी माँ ने इस दुनिया को छोड़ दिया था। एक 16 साल के किशोर कर सर से माँ का साया जाने का दर्द काफी भारी होता है। और फिर सुशांत तो अपनी माँ के बेहद करीब थे, उनकी यह करीबी सोशल मीडिया पर किये गए पोस्ट से दिखती हैं। इन पोस्ट से यह समझा जा सकता है कि कितना सुशांत अपनी माँ को याद करते थे।

वहीं जब महेंद्र सिंह धोनी फ़िल्म की कामयाबी के बाद एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी माँ को याद करते हुए कहा था कि “मेरी इच्छा है कि इस वक्त काश मेरी माँ जीवित होती,निश्चित तौर पर वो मुझे आज कामयाब देख कर बेहद खुश होती। अगर वो जीवित होती तो शायद मैं कोई दूसरा ही आदमी होता।” उन्होंने अपने बयान में आगे कहा था कि अगर आज उनकी माँ उनके साथ होती तो उन्हें किसी भी कामयाबी की आवश्यकता नहीं होती, कोई भी चीज़ उनके लिए मायने नही रखती। मुझे लगता है मैंने बहुत कुछ खो दिया है, शायद इसलिए मैं उत्साहहीन हो गया हूँ।

उनके अनुसार माँ कर जाने के बाद मैं खुद से भी मिलना नहीं चाहता था। इसीलिये मैंने अभिनय को अपना जीवन बनाया ताकि खुद से भाग सकूं।

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