आखिरकार सचिन वाझे ने खोला मुंह, महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री देशमुख पर लगाया गंभीर आरोप

मुकेश अंबानी के घर के बाहर संदिग्ध गाड़ी खड़ी करने वाला मामले ने अब महाराष्ट्र की अगाड़ी सरकार को पूरी तरह फंसा कर रख दिया है। ऐंटेलिया और मनसुख मामले के आरोपी सचिन वाझे ने आखिरकार अपना मुंह खोला दिया है और परमबीर सिंह के आरोपों पर अपनी मुहर भी लगा दी है। सचिन ने हाल ही में NIA को एक लेटर लिख कर कबूल किया कि उससे पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख और ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब ने उन्हें उगाई पर लगा रखा था। बता दें कि परमबीर सिंह भी कोर्ट के सामने अनिल देशमुख द्वारा सचिन वाझे को 100 करोड़ की उगाई का आरोपों ले कर गए हैं। 

सचिन वाझे ने यह आरोप NIA को एक लिखित खत के माध्यम से लगाये। जिसमें उन्होंने दावा किया कि पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने ही उन्हें 100 करोड़ की उगाई का टारगेट दिया था। वहीं उन्होंने इस लेटर में यह भी कहा कि उनकी बहाली के पक्ष में NCP प्रमुख शरद पंवार नहीं थे। ऐसे में अनिल देशमुख ने उन्हें प्रस्ताव दिया था कि वो कहीं से अगर 2 करोड़ रुपयों का बंदोबस्त कर सकें तो वे शरद पंवार को मना सकते हैं। वहीं ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब ने उन्हें 50 ठेकेदारों के नाम की लिस्ट दी थी और सब से 2-2 करोड़ उगाई करने को कहा गया था।  बता दें सचिन वाझे ने चार पेज़ का लेटर NIA को सौंपा है। 

वहीं इस लेटर में सचिन वाझे ने यह दावा करते हुए भी लिखा कि अक्टूबर 2020 में अनिल देशमुख से उनकी मुलाकात  सहाद्रि गेस्ट हाउस पर हुई थी। इस मुलाकात में अनिल देशमुख ने उन्हें 1650 बार और रेस्टोरेंट से उगाई करने के निर्देश दिए थे। वहीं वाझे ने कहा कि उन्होंने इस काम को करने से सीधे तौर पर मना कर दिया था। 

सचिन वाझे ने अपने लेटर में लिखा कि 2020 में जब उन्होंने इस काम करने को मना किया तो 2021 में। अनिल देशमुख ने उन्हें फिर बुलाया और उगाई करने के निर्देश दिए। 2021 की मुलाकात अनिल देशमुख के निवास बंगले पर ही की गयी थी। मीटिंग में सचिन वाझे और गृहमंत्री अनिल देशमुख के अलावा उनके पीए कुंदन भी उपस्थित थे। वाझे ने आरोप लगाया है कि अनिल देशमुख ने हर मीटिंग में उनसे रेस्टोरेंट से 3-3.5 लाख उगाई के निर्देश दिए थे। 

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