आखिरकार सुशांत को मिला इंसाफ, पिता केके सिंह के मामले ने दिल्ली हाईकोर्ट में हासिल की कामयाबी

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के अचानक चले जाने के गम से अभी तक लोग उभर नहीं पाए थे कि अब उनके जीवन के इसी घटनाक्रम पर फिल्में भी बनने लगी है। ऐसी ही एक फ़िल्म ‘न्याय द जस्टिस’ का ट्रेलर हमने पिछले दिनों देखा। अब दिल्ली हाईकोर्ट में पेश किए हलफनामें में उन्होने अपनी फिल्म की पूरी कहानी बदल कर रख दी। वहीं इस फ़िल्म के टाइटल को भी अब पूरी तरह से बदल दिया गया है, अब इस फ़िल्म का टाइटल होगा शशांक। इसके साथ ही फ़िल्म के मेकर्स ने कोर्ट के सामने इस बात को भी कहा है कि यह फ़िल्म अभिनेता सुशांत सिंह के जीवन से जुड़ी हुई नहीं है। 

गौरतलब है कि पिछले दिनों इसके ट्रेलर रिलीज होने के बाद सुशांत का परिवार काफी नाराज हो गया था। अभिनेता के पिता केके सिंह ने तो दिल्ली हाईकोर्ट में एक केस भी दाखिल किया था, और मांग की थी कि इस फ़िल्म को रिलीज ना किया जाए। फिल्में के ट्रेलर की शुरुआत में ही आप यह समझ जाते हो कि यह फ़िल्म सुशांत के जीवन से ही जुड़ी हुई है। इसमें उन तमाम घटनाओं का हूबहू चित्रण किया गया है जिसे हमने पिछले साल जून में देखा था। कहा जा रहा है कि इस फ़िल्म को भी जून में ही रिलीज किया जाने वाला है। 

सुशांत के पिता के द्वारा केस दर्ज कर देने के बाद कोर्ट ने फ़िल्म के मेकर्स से जवाब मांगा था। दिल्ली हाईकोर्ट में फ़िल्म के निर्देशक सनोज मिश्रा ने अब एक हलफनामा दर्ज कर कहा है कि उनकी फिल्म सुशांत के जीवन से प्रभावित नहीं है। उनकी फिल्म तो उन चार आउट साइडर्स की कहानी है जो फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाने के लिए दूर शहरों से आते हैं। वहीं इस फ़िल्म का टाइटल भी शशांक है जो सुशांत के जीवन के किसी भी पहलू को नहीं छूता है। 

गौरतलब है कि न्याय द जस्टिस का ट्रेलर लॉन्च होने के बाद सुशांत के परिवार वालों ने मेकर्स को जमकर फटकार लगाई थी। सुशांत की बहने प्रियंका सिंह और कीर्ति सिंह ने जहां इस मामले पर ट्वीट कर अपना गुस्सा जाहिर किया था तो वहीं पिता केके सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में मामला दर्ज कर फ़िल्म पर रोक लगाने की मांग की थी। केके सिंह का आरोप था कि इस फ़िल्म से उनके परिवार और बेटे की छवि को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाए कि सुशांत के साथ घटी घटना का फायदा उठा कर मार्केटिंग करने का काम किया जा रहा है। ऐसे में उन्हें भी कोर्ट 2 करोड़ का मुआवजा दिलवाए। 

इतनी मोटी रकम के बारे में सुनकर फ़िल्म के मेकर्स घबरा गए। और ना सिर्फ फ़िल्म का टाइटल पूरी तरह बदल दिया बल्कि कोर्ट में हलफनामा दर्ज कर यह भी कहा कि यह फ़िल्म सुशांत के जीवन पर आधारित नहीं है। इस ट्रेलर को आप शुरू से अंत तक देखोगे तो आपको वापस वही घटना देंखने को मिलेगी जो पिछले साल आपने देखी थी। हालांकि अब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामले में कहानी कुछ अलग ही मौड़ लेती हुई नजर आ रही है। 

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