पूर्व सैन्य अधिकारी का दावा – तलोबा जेल में अर्णब गोस्वामी की जान मुश्किल में

पिछले दिनों रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क editor-in-chief अर्णब गोस्वामी को एक इंटीरियर डिजाइनर की आत्महत्या के पुराने केस में गिरफ्तार किया गया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही उनके समर्थक उनके लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। बता दे कि अर्णब गोस्वामी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। रविवार सुबह उन्हें अलीबाग से मुंबई की तलोबा जेल में शिफ्ट किया गया है। यह जेल अंडरवर्ल्ड के लिए फेमस है।

बता दे कि जब उन्हें तलोबा जेल ले जाया जा रहा था तब उन्होंने मीडिया से बात करते हुए मुंबई पुलिस पर कई आरोप लगाए। उन्होंने मीडिया को बताया कि मुंबई पुलिस उनके साथ अमानवीय व्यवहार कर रही है। मुंबई पुलिस का यह रवैया पूरी तरह गैर कानूनी है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी उनके लिए न्याय मांगने की मुहिम तेज हो गई है। वही एक पुराने सैन्य अधिकारी ने भी दावा किया है कि अर्णब गोस्वामी जान को खतरा है। वह उनकी सुरक्षा लिए राष्ट्रपति को ज्ञापन देंगे।

भारत बन रहा है पाकिस्तान

बता दे कि अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी के बाद चैनल पर इस गिरफ्तारी को लेकर डिबेट चल रही थी। जिस डिबेट में पूर्व सैन्य अधिकारी जनरल जीडी बख्शी भी शामिल थे। चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि, तलोबा जेल में अर्णब गोस्वामी की जान को खतरा है। उनकी सुरक्षा के लिए वह और उनके साथी राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में लोगों को अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है। सरकार सोचती है कि वह जो भी करेगी जनता उसे चुपचाप देखती रहेगी।

लेकिन ऐसा नहीं हो सकता। क्योंकि देश के लोगों में अभी जान बाकी है। उन्होंने आगे महाराष्ट्र की तुलना पाकिस्तान से भी की। उन्होंने कहा कि, जिस तरह पाकिस्तान की जेल में सरबजीत को दूसरे कैदियों से मरवा दिया गया था। वैसे ही जब जेल में वे लोग अर्णब गोस्वामी को तोड़ नहीं पाएंगे तो उनके साथ भी इस तरह की घटना हो सकती है। भारत-पाकिस्तान बन रहा है और इसे रोकने के लिए देश की जनता को आवाज जरूर उठानी चाहिए।

तालोबा जेल में रखे गए थे दाऊद के गुर्गे

जनरल बक्शी ने आगे बताया कि, अर्णब गोस्वामी को अलीबाग से तलोबा जेल शिफ्ट करने के पीछे भी सरकार की कोई रणनीति है। क्योंकि यह वह जेल है जहां पर दाऊद जैसे बड़े डॉन के गुर्गे रखे गए थे। उन्होंने आगे कहा कि, उस जेल में अर्णब के साथ कुछ भी हो सकता है। क्योंकि यह केस भी बिल्कुल सरबजीत के केस जैसा बन गया है। पाकिस्तान ने जैसे सरबजीत को यातना दी थी उसी प्रकार अर्णब गोस्वामी को भी जेल में प्रताड़ित किया जा रहा है।

बता दे कि चैनल पर प्रसारित हो रहे वीडियो में अर्णब गोस्वामी मीडिया को बताते हुए दिखाई दे रहे हैं कि, मुंबई पुलिस किस तरह उन पर हाथ उठा रही है और उन्हें प्रताड़ित कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि, पुलिस ने उन्हें उनके वकील से भी बात करने की इजाजत नहीं दी है। जबकि इस तरह के केस जो कि पिछले साल ही बंद हो चुका है, में इस तरह से किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी करना अवैध माना जाता है।

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