अगर KGF में यश की जगह शाहरुख होते हीरो तो क्या फ़िल्म सफल हो पाती ! आइए जानते हैं

मनोरंजन जगत में इन दिनों बॉलीवुड की फिल्में कम चल रही हैं लेकिन साउथ इंडियन फिल्मों का बोलबाला है। आरआरआर, पुष्पा और केजीएफ 2 की सफलता के बीच बॉलीवुड की कई बड़े बजट की फिल्में फ्लॉप हुई हैं। ऐसे में बॉलीवुड वर्सेज पैन इंडिया फिल्मों की सफलता को लेकर बहस छिड़ चुकी है। इस विषय पर हाल ही में शुक्रवार को रिलीज हुई फिल्म राष्ट्र कवच ओम के लेखक राज सलूजा ने बातचीत की।

फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने बॉलीवुड के मुकाबले पैन इंडिआ फिल्मों की सफलता के बारे में बात की। राज सलूजा ने कहा कि अगर केजीएफ फिल्म शाहरुख खान ने की होती तो दर्शक इसे कभी नहीं स्वीकारते। राज ने कहा कि दर्शक साउथ इंडियन सिनेमा से कुछ भी स्वीकार कर सकते हैं लेकिन बॉलीवुड से नहीं। 

बॉलीवुड के मुकाबले ज्यादा सफल हैं साउथ इंडियन फिल्में

इस टॉपिक पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बॉलीवुड के मुकाबले साउथ इंडियन सिनेमा में इलॉजिकल एक्शन ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि एक्शन फिलमें हमेशा इलॉजिकल होती हैं चाहे वो बॉलीवुड में बनें या फिर हॉलीवुड में। दरअसल उनकी फिल्म राष्ट्र कवच ओम भी एक्शन फिल्म बताई जा रही है। इसके साथ ही उनसे ये भी पूछा गया कि क्या पैन इंडिया फिल्मों की सफलता के बीच बॉलीवुड से कहीं कोई चूक हो रही है?

इस सवाल पर राज सलूजा ने कहा कि- बॉक्स ऑफिस पर फिल्म सफल होगी या नहीं ये दर्शकों की प्राथमिकता पर निर्भर करता है। ये दर्शक होते हैं जो तय करते हैं किसे स्वीकार करना है और किसे नहीं। उदाहरण के लिए अगर आप शाहरुख खान को केजीएफ में रख दें तो वो ये स्वीकार नहीं कर सकते लेकिन ये काम यश कर रहे हैं तो वो स्वीकार कर लेंगे क्योंकि पैन इंडिया ऑडियंस पहले से ही ये मान चुकी है कि साउथ इंडियन एक्टर्स ऐसा कर सकते हैं। वो कुछ भी कर सकते हैं।

केजीएफ में शाहरुख होते तो ये होता फिल्म का हाल

राज ने आगे कहा कि वही दर्शक ये मानने को तैयार नहीं है कि बॉलीवुड भी साउथ के जैसी चीजें कर सकता है। इसके साथ ही उन्होंने बॉलीवुड एक्टर जॉन अब्राहम का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा- जॉन ने सत्यमेव जयते और अटैक जैसी फिल्मों में ऐसे ही स्टंट किए लेकिन दर्शक फिर भी उन्हें स्वीकार नहीं कर रही है। वहीं एनटीआर, राम चरण और यश को ऐसा करते देख खुश हो रही है।

बता दें कि इन दिनों भुल भुलैया और जुग जुग जियो जैसी फिल्मों को छोड़ दें तो बॉलीवुड की बड़ी बड़ी फिल्में फ्लॉप रही हैं। कंगना रणौत की मोस्ट अवेटेड फिल्म धाकड़ और अक्षय कुमार की फिल्में सम्राट पृथ्वीराज और बच्चन पांडे बड़ी फ्लॉप साबित हुईं। शाहरुख खान और आमिर बड़े पर्दे से काफी समय से दूर हैं। आमिर की फिल्म लाल सिंह चड्ढा इसी साल रिलीज होने वाली है वहीं शाहरुख कई मेगाबजट की फिल्मों में नजर आने वाले हैं। पिछले दिनों रणवीर सिंह का भी जादू नहीं चला। उनकी दोनों फिल्में 83 और जयेशभाई जोरदार भी दर्शकों को बड़े पर्दे पर खींचने में नाकामयाब रही।

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