सबूतों के अभाव में CBI के लिए सुशांत को इंसाफ दिला पाना कितना मुश्किल होगा ?

सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या केस की बागडोर अब सीबीआई के हाथों में चली गयी है। इसी के साथ एक्टर के फैन्स और परिवारवालों की उम्मीदें इंसाफ के लिए बढ़ती जा रही हैं। हर किसी को यह उम्मीद अब जरूर हो गयी है कि एक्टर को इंसाफ जरूर मिलेगा। गौरतलब है कि इससे पहले मामले की जांच मुम्बई पुलिस कर रही थी मगर सुशांत के परिवारवालों को इस बात का संदेह था कि पुलिस मामले की जांच ठीक तरह से नहीं कर रही है। 

 इसी के बाद सुशांत के चाहने वालों द्वारा भी सीबीआई जांच की मांग काफी तेज गति से सोशल मीडिया पर उठने लग गयी थी। चारों तरफ से उठती मांग आखिरकार रंग लाई और सुशांत की आत्महत्या मामले की सीबीआई जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिल गई। बता दें कि सोमवार को सीबीआई की जांच का चौथा दिन था और इन चार दिनों की तफ्तीश में यह बात तो साफ हो गयी कि इस केस की गुत्थी सीबीआई के लिए भी मुश्किलें पैदा कर देंगी। 

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गौरतलब है कि, सुशांत की मौत के दो महीने से ज़्यादा का वक्त निकल जाने के बाद सीबीआई को यह केस सौंपा गया, लिहाजा मामले में हुई इस देरी ने सीबीआई का काम काफी बढ़ा दिया है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सीबीआई की जांच में फोरेंसिक एविडेंस का काफी महत्व होता है। मगर इस केस में ज़्यादा सबूत बचे नहीं है। 

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बीते दिनों मुंबई पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए जो विसरा (शरीर के इंट्रेगल पार्ट्स जिसका इस्तेमाल मृत की जांच के लिए होता है) भेजे हैं वो बहुत कम मात्रा में है। दरअसल इससे पहले हुई जांच में सैंपल के रूप में 80 पर्सेंट विसरा का इस्तेमाल सैंपल के रूप में किया जा चुका है। लिहाज अब सीबीआई की जांच के लिए मात्र 20 पर्सेंट ही विसरा के सैंपल बचे पाए हैं अब इसी के इस्तेमाल जांच के दौरान किया जाएगा।

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