बड़ा दावा : अर्नव गोस्वामी के मिलने से पहले ही भारी कर्ज में था इंटीरियर डिजाइनर, पुलिस कर रही है जांच

री-पब्लिक मीडिया नेटवर्क editor-in-chief अर्णब गोस्वामी को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने साल 2018 में इंटीरियर डिजाइनर केस में अंतरिम जमानत दे दी है। उनके साथ ही कोर्ट ने इस केस में दो अन्य व्यक्तियों को भी जमानत दी है। साल 2018 में मुंबई के एक इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाईक और उनकी मां कुमुद नाईक ने अपनी जान दे दी थी। अन्वय नाईक के पास से एक नोट मिला था।

जिसमें लिखा था कि अर्णब गोस्वामी और दो अन्य लोगों ने उनके पैसे नहीं दिए हैं। जिस वजह से उन्हें बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और अब उनके पास जान देने के सिवा कोई चारा नहीं है। यह केस पिछले साल ही बंद हो चुका था क्योंकि पुलिस के पास किसी के भी खिलाफ कोई सबूत नहीं था। लेकिन इस साल अक्टूबर में पुलिस ने यह कहते हुए इस केस को रिओपन किया कि, उनके पास केस जुड़े कुछ नए सबूत हैं। जिसके बाद 4 नवंबर को अर्णब गोस्वामी और दो अन्य लोगों की गिरफ्तारी की गई।

6.5 करोड़ का किया था जिक्र

अन्वय नाईक ने अपने एक पेज के नोट में करीब 6.5 करोड़ रुपयों का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि, अर्नब गोस्वामी को उन्हें करीब 88 लाख रुपए देने हैं, वहीं दो अन्य लोग नीतीश शारदा और फिरोज शेख को उन्हें 55 लाख और 4 करोड रुपए देने हैं। यह पैसे अन्वय नाईक की कंपनी Concorde Designs Private Limited को दिए जाने थे। हालांकि जब कंपनी के रजिस्ट्रार द्वारा दिए गए डाटा को देखा गया तो पता चला कि अन्वय नाईक की कंपनी को इन तीनों के पैसों के अलावा भी बहुत लॉस हुआ था।

कंपनी को पहले से हुआ था भारी नुकसान

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अन्वय नाईक की कंपनी पर साल 2016 में ही 20 करोड़ का भारी कर्ज था। इसके साथ ही उनकी कंपनी का टैक्स अथॉरिटी से विवाद चल रहा था। बता दे कि अन्वय नाईक साल 2012 तक एक और कंपनी Om Atharva Realtors Private Limited में शेयर होल्डर थे। लेकिन इस कंपनी को भी बहुत नुकसान हो रहा था। जिसके बाद यह कंपनी बंद हो गई। इससे साफ होता है कि अर्णब गोस्वामी और अन्य दो लोगों के पैसे ना देने के पहले से ही अन्वय नाईक की कंपनी को भारुव नुकसान और कर्ज हो चुका था।

पुलिस कर रही है जांच

बता देगी अन्वय नाईक की कंपनी के यह हाल जानने के बाद जब उनकी पत्नी अक्षता से इस बारे में बात करनी की कोशिश की गई तो उन्होंने इस बारे में कोई बात नहीं की। वही उनके वकील का कहना है कि, अन्वय नाईक ने अपने बिजनेस में बहुत से उतार-चढ़ाव देखे थे। बहुत से कारणों की वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने बड़ी हिम्मत के साथ हर परेशानी का सामना किया है। पर इस बार उन्हें बहुत ज्यादा प्रेशराइज कर दिया गया था। जिस वजह से उन्होंने जान देने जैसा कदम उठाया। पुलिस अब इस मामले की तह तक जाकर जांच कर रही हैं।

लोकेन्द्र शर्मा प्राधान सम्पादक न्यूज मेनिया पिछले 10 सालों से वेब समाचार की दुनिया में कार्यरत हैं। आपने Wittyfeed, Laughing Colours, MP news, News Trend, Raj express, Ghamasan news जैसी संस्थाओं में अपनी सेवाएं दी हैं। तथा वर्तमान में आप हमारी संस्था के साथ जुड़ कर लोगों के इंटरटेनमेंट का ध्यान रख रहे हैं।

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