उद्धव ठाकरे ने जिस मुंबई कमिश्नर की पीठ थपथपाई उनका करियर रहा है विवादों से भरा, साध्वी प्रज्ञा को तो…

सुशांत सिंह राजपूत केस के बाद अब टीआरपी स्कैम में रिपब्लिक भारत मीडिया पर आरोप लगाने के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह सुर्खियों में है। आपको बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत के केस में रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने परमबीर सिंह से मुंबई पुलिस की लापरवाही को लेकर सवाल किए थे। वहीं अब परमबीर सिंह ने टीआरपी गेम में रिपब्लिक मीडिया का नाम लिया है। आपको बता दें कि परमबीर सिंह इस साल फरवरी में ही मुंबई के कमिश्नर बने हैं। हालांकि अब कुछ लोग ट्विटर पर रिपब्लिक भारत का समर्थन करते हुए  उनसे इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सभी परमबीर सिंह के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं। आपको बता दें कि परमबीर सिंह ने अपने जाबाजी से कई बड़े केस में अपनी अहम भूमिका निभाई हैं।

ममता कुलकर्णी के केस में एफबीआई को आना पड़ा था भारत

आपको बता दें कि परमबीर सिंह इससे पहले ठाणे के सीपी थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई बड़े केस हैंडल किए। उस दौरान उन्होंने ऐसे 2 केस हैंडल किए थे जिसके लिए एफबीआई की टीम को अमेरिका से भारत आना पड़ा था। इनमें से पहला केस इंटरनेशनल कॉल सेंटर और वही दूसरा ड्रग्स केस था। दोनों केस में इंटरनेशनल लिंक की जांच करने के लिए एफबीआई भारत आई थी। बता दें कि इन केस में फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी और उनके पति विक्की गोस्वामी को भी आरोपी बनाया गया था।

दाऊद इब्राहिम के भाई की करी थी गिरफ्तारी

सितंबर 2017 में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर की गिरफ्तारी के वक्त परमबीर सिंह ठाणे के पुलिस कमिश्नर थे। इकबाल को बिल्डर से उगाही की धमकी के आरोप में ठाणे क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। वही 90 के दशक में मुंबई पुलिस ने जॉइंट सीपी अरविंद इनामदार के निर्देशन में स्पेशल ऑपरेशन स्क्वॉड बनाई थी। परमबीर सिंह इस स्क्वॉड के पहले डीसीपी थे। एसओएस ने मुंबई पुलिस के इतिहास में सबसे ज्यादा एनकाउंटर किए और अंडरवर्ल्ड की कमर तोड़ दी थी। इसके अलावा परमबीर सिंह ने डॉन अरुण गवली की दगड़ी चॉल में भी कई ऑपरेशन किए थे।

मालेगांव ब्लास्ट में करी थी प्रज्ञा ठाकुर की गिरफ्तारी

परमबीर सिंह इससे पहले एसीबी के महानिदेशक थे। बता दें कि आईपीएस परमबीर सिंह मालेगांव ब्लास्ट की जांच को लेकर चर्चा में आए थे। मालेगांव ब्लास्ट की साजिश के आरोप में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। भले ही हेमंत करकरे उस वक्त एटीएस चीफ थे, लेकिन बतौर डीआईजी एटीएस परमबीर सिंह के पास ही जांच की जिम्मेदारी थे। इन्हीं के दिशा-निर्देशन में जांच आगे बढ़ी। आपको बता दे दी उस वक़्त प्रज्ञा ठाकुर ने परमबीर सिंह पर जेल के अंदर बेल्ट से पीटने के भी आरोप लगाए थे।

36 घंटे में केस डिटेक्ट किया तो कॉन्फ्रेंस में आए थे  डीजीपी

जब परमबीर सिंह ठाणे के सीपी थे तब उन्होंने सट्टेबाजी से जुड़े एक रैकेट का भंडाफोड़ किया था। जिसमें सोनू जालान की गिरफ्तारी की गई थी। आपको बता दें कि उस केस में कई बॉलीवुड हस्तियों का भी नाम सामने आया था जिसमें सलमान खान के भाई अरबाज खान भी शामिल थे। वही एक बार ठाणे में एटीएम में पैसे डालने वाली एक कंपनी से 10 करोड़ रुपयों की लूट की गई थी। उस केस को केवल 36 घंटों में ही सुलझाने पर परमवीर सिंह ने जो कॉन्फ्रेंस की उसमें महाराष्ट्र के डीजीपी भी शामिल हुए।

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