सुशांत केस में मिली बदनामी का बदला लेने को तैयार मुम्बई पुलिस, शुरू की यह बड़ी कार्यवाही

34 वर्षीय बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच को लेकर मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार को बदनाम करने के लिए 14 जून को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर 80,000 से अधिक फर्जी अकाउंट बनाए गए थे। अभी हाल ही में मुंबई पुलिस आयुक्त ने साइबर सेल को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत मामलों की जांच करने और इन्हें दर्ज करने के लिए कहा है।

जिसके तहत मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने एक रिपोर्ट बनाई है, जहां यह पाया गया है कि इटली, जापान, पोलैंड, स्लोवेनिया, इंडोनेशिया, तुर्की, थाईलैंड, रोमानिया और फ्रांस जैसे विभिन्न देशों के सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर पोस्ट अपलोड किए गए हैं।

एक वरिष्ठ आईपीएस ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि“हमने विदेशी भाषाओं में पोस्ट की पहचान की क्योंकि उन पोस्ट में #justiceforsushant #sushantsinghrajput और #SSR जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया। हम और भी खातों की पुष्टि हाल ही के दिनों में करने वाले हैं।”

मुम्बई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के अनुसार “मुम्बई पुलिस के खिलाफ यह अभियान उस समय पर हमें गिराने के लिए चलाया गया था जब महामारी के कारण 84 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी और 6,000 से अधिक पुरुष वायरस से संक्रमित थे। यह केवल मुंबई पुलिस की छवि को खराब करने और हमारी जांच को पटरी से उतारने के लिए निहित स्वार्थ वाला एक प्रेरित अभियान था। सोशल मीडिया पर कई फर्जी अकाउंट बनाकर मुंबई पुलिस को अपशब्दों के साथ निशाना बनाया गया। हमारे साइबर सेल ने इस मामले की पूरी जांच की है और कानून का उल्लंघन करने वाले सभी लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।”

गौरतलब है कि इससे मुम्बई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने एम्स की हत्या की संभावना से इंकार करने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए, कहा था कि “हमने इस मामले की बहुत पेशेवर तरीके से जांच की थी। CBI ने AIIMS डॉक्टरों का एक पैनल बनाया था, जिन्होंने हमारी जाँच और कूपर अस्पताल और फ़ोरेंसिक प्रयोगशाला के निष्कर्षों को सही ठहराया है। कुछ लोगों को छोड़कर, किसी और को हमारी जाँच के बारे में पता नहीं था फिर भी कई लोगों ने बिना कुछ जाने जाँच की आलोचना की है। ”

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