खारिज़ हुई रिया चक्रवर्ती की जमानत याचिका, अब जेल में ही गुज़ारने होंगे दिन

दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या केस में अब ड्रग एंगल जुड़ गया है। इस केस में पहले हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा और रिया के भाई शौविक को गिरफ्तार किया गया था। वहीं बीते मंगलवार को इस केस में नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने रिया चक्रवर्ती को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं शुक्रवार के दिन गिरफ्तार रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती की जमानत याचिकाओं पर एक विशेष अदालत ने सुनवाई पर फैसला सुनाते हुए, शौविक चक्रवर्ती, रिया चक्रवर्ती समेत अब्दुल बासित, ज़ैद विलात्रा, दिपेश सावंत और सैमुअल मिरांडा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। बता दें रिया-शौविक के साथ इनको भी नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने ड्रग मामले में गिरफ्तार किया है। 

नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने गुरुवार के दिन कोर्ट में जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया था। अपने बयान में डिपार्टमेंट ने कहा कि चाहे जब्त ड्रग की मात्रा कम हो मगर जब्त की गई ड्रग की कीमत कहीं ज़्यादा थी, बताया जाता है कि जब्त ड्रग की कीमत 1,85,200 की थी। वहीं गुरुवार के दिन स्पेशल जज जीबी गुराव ने रिया और शौविक चक्रवर्ती के वकील और मामले में विशेष सरकारी अभियोजक की दलीलों को सुना था। इसी दिन मामले के चार अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं की भी जज ने सुनवाई की थी। सरकारी वकील अतुल सर्पांडे ने कहा कि नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने सभी आरोपियों की याचिकाओं का कड़ा विरोध किया था। 

जमानत याचिकाओं पर अपना विरोध व्यक्त करते हुए नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने जवाब में दाखिल किये गये हलफनामे मे कहा कि रिया चक्रवर्ती और शौविक चक्रवर्ती सुशांत सिंह राजपूत के लिए ड्रग की व्यवस्था किया करते थे और इसका दाम भी दिया करते थे। सह आरोपी दीपेश सावंत द्वारा दिये गये बयान के अनुसार वह सुशांत सिंह राजपूत और रिया चक्रवर्ती के कहने पर ड्रग खरीदा करता था। गौरतलब है कि नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने तीन दिन की पूछताछ के बाद मंगलवार को रिया को हिरासत में ले लिया था इसके बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं शौविक और सैमुअल मिरांडा को डिपार्टमेंट ने पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया था।

इसके अलावा वकील सतीश मानशिंदे द्वारा दायर की अपनी याचिका में रिया चक्रवर्ती ने कहा कि तीन दिन की पूछताछ के दौरान जब वह एनसीबी के सामने पेश हुई तो रिया को जबरन बयान देने के लिए मजबूर किया गया था। वहीं नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने इस बात को काटते हुए कहा कि रिया ने ड्रग्स खरीदने और उसके पैसे देने की बात को स्वीकार लिया है। 

अपनी दलील में नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने यह भी कहा था कि यदि आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया जाता है तो वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं और केस के प्रमुख गवाहों को गुमराह करने की कोशिश कर सकते हैं। कोर्ट ने नारकोटिक्स डिपार्टमेंट की बातों और संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में ही रहने के आदेश दिए हैं। 

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