रिया चक्रवर्ती के वकील का दावा: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामले में नहीं बचा कोई दम

28 दिनों की बंदिश के बाद रिहा हुई रिया चक्रवर्ती के वकील ने इन दिनों एक बड़ा दावा किया है। उनके अनुसार ड्रग केस उच्चत्तम अदालत के फैसले के बाद फीका पड़ गया है, अब इस मामले में कुछ नहीं बचा है। गौरतलब है कि गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा था कि रिया पर जो धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया था उसमें किसी भी बयान को इकबालिया बयान के रूप में नहीं देखा जाएगा, और ना ही कोर्ट इसे स्वीकार करेगा। इससे पहले कोर्ट इससे संबंधित बयान को स्वीकार कर रहा था।

 बता दें कि सामने आई व्हाट्सएप चैट के बाद इस मामले में कार्यवाही की गई थी। इसके बाद NCB ने इस पूरे मामले में 3 दिनों तक पूछताछ की थी जिसके बाद उसे इस पूरे प्रकरण में संलिप्त पाया गया था और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। 

इस पूरे मामले में अपना पक्ष रखते हुए रिया के वकील सतीश मानशिन्दे ने कहा कि “गुरुवार को कोर्ट ने जो निर्णय लिया है वो एक ऐतिहासिक कदम है।  पिछले 35 सालों से दाबाव बना कर और प्रताड़ित कर के बयान दिलवाए जा रहे थे और इसकी वजह से कई बेगुनाह लोग सजा काट रहे थे।”

 बतातें चले कि 3 जजों की पीठ ने दो एक के मत से इस आदेश की घोषणा की कि एनडीपीएस की धारा 67 के तहत ट्रायल के दौरान लिए गए किसी भी बयान को इकबालिया बयान के रूप में नहीं देखा जाएगा। 

रिया के वकील का कहना है कि “सुशांत मामले में जितने भी लोगों को NCB ने आरोपी बनाया है उसमें से मुश्किल से कुछ लोगों के पास थोड़ी अवैध सामग्री मिली है जिसके आधार पर उन पर संगीन आरोप नहीं लगाए जा सकते। मगर जांच डिपार्टमेंट ने जबरदस्ती उन पर दाबाव बना कर बयान दिलाया है जिससे वे अब कानून के शिकंजे में है।” उनका कहना यह भी है कि न्यायमूर्ति रोहिंगटन नरीमन और नवीन सिन्हा के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब कई अभियुक्त खुली हवा में सांस ले पाएंगे।

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