Siddhu Moosewala case: यह है वो लेडी डॉन जिसका कनेक्शन गोल्डी बरार से है, राजस्थान से जुड़े हैं तार

पंजाब की शान सिंगर और रैपर सिद्धू मूसेवाला अब हमारे बीच नहीं रहे। दो दिन पहले सिद्धू मूसेवाला पर तीन लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सिद्धू मूसेवाला पर करीब 30 गोलियां चलाईं गईं थीं। उनकी तस्वीरें जब सामने आईं तो हर किसी की आंखे सन्न रह गईं। सिद्धू पर किसने हमला किया और क्यों किया इसके कयास लगाए ही जा रहे थे कि इसी बीच पंजाब बेस्ड गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक फेसबुक पेज ने हमले की जिम्मेदारी ली।

कहा गया है कि सिद्धू के साथ हुई इस घटना की जिम्मेदारी लॉरेंस और उनका भाई गोल्डी बरार लेते हैं। बता दें कि गोल्डी बरार का राजस्थान से भी पुराना कनेक्शन है। कैनेडा में बैठा गैंगस्टर बरार राजस्थान की लेडी डॉन अनुराधा का क्राइम पार्टनर है। आपको बताते हैं कौन है ये लेडी डॉन।

कौन है लेडी डॉन?

हाल ही में कुख्यात गैंगस्टर काला जठेडी की गिरफ्तारी हुई थी जिसमें एक लेडी डॉन भी पकड़ी गई थी। उसका नाम अनुराधा है हालांकि अपराध की दुनिया में उसका नाम मैडम मिंज है। बचपन में अनुराधा पढ़ने में अव्वल थी लेकिन कम उम्र ही उसकी मां उसे हमेशा के लिए छोड़कर चली गई। इस घटना ने उसे मजबूत बना दिया। उसके पिता मजदूरी करते थे लेकिन उसने पढ़ाई की, बीसीए किया और फिर अपनी मर्जी से शादी भी की।

अनुराधा की शादी दीपक मिंज से हई। दोनों ने खुद का बिजनेस शुरू किया। राजस्थान के सीकर में शेयर ट्रेडिंग का उनका बिजनेस चलने लगा। उन्होंने अपने बिजनेस में लाखों रूपये लगाए और दोनों का काफी फायदा हुआ लेकिन एक वक्त के बाद इनका बिजनेस डूबने लगा। वो करोड़ों के कर्जे में डूब गए। यहीं से अनुराधा के जुर्म की दुनिया शुरू हुई लेकिन अपराध करने के चलते उसका पति से तलाक हो गया।

कैसे जुर्म की दुनिया में आई अनुराधा

अनुराधा पर करोड़ों का कर्ज हो गया था और लौटाने के लिए उसके पास पैसे नहीं बचे थे। पैसे ना होने के कारण उसका संपर्क हिस्ट्रीशीटर बलबीर बानूड़ा से हुआ जिसने उसकी मुलाकात कुख्यात अपराधी आनंद पाल सिंह से करवाई। आनंद पाल देसी आदमी था लेकिन अनुराधा ने उसे अंग्रेजी सिखाकर हाई फाई बना दिया। इसके बाद अनुराधा आनंद का क्राइम प्लान बनाने लगी। अनुराधा ने आनंद को अंग्रेजी सिखाई तो बदले में आनंद ने उसे AK-47 जैसे हथियार चलाना सिखाया।

इसके बाद दोनों ने मिलकर कई अपराध को अंजाम दिया। किससे कब फिरौती मांगनी है, किसे लूटना है ये सब अनुराधा प्लान करती थी। 27 जून 2006 को बहुचर्चित जीवणराम गोदारा हत्याकांड घटना के मुख्य गवाह प्रमोद चौधरी के भाई इंद्रचंद्र का अपहरण करने में इसी लेडी डॉन का हाथ माना जाता है। आनंद पाल को जब पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया तो गैंग की बागडोर इसी के हाथ में आई थी। जब पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया तो लेडी डॉन पर 10 हजार रूपये का इनाम था।

दूसरी तरफ मानसा पुलिस ने सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह के बयान पर हत्या की एफआईआर दर्ज की है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को अक्सर गैंगस्टर रंगदारी टैक्स वसूलने के लिए धमकियां दिया करते थे। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गैंग से भी उसे फोन आते थे। अब खबर है कि पुलिस गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई को रिमांड में लेकर पूछताछ करेगी ताकि और गहरी जानकारी मिल सके।

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