सुशांत मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री मोदी से किया आग्रह, कहा – स्वास्थ मंत्रालय को दें यह आदेश

स्वामी ने एम्स फोरेंसिक के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता को भी कूपर अस्पताल के निष्कर्ष की नकल करने और सुशांत मामले में लापरवाही करने के आरोप लागये हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. गुप्ता अभी तक मुंबई नहीं आए हैं और टीम के केवल तीन सदस्य ही गए हैं। स्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस कूपर अस्पताल की संदिग्ध रिपोर्ट में “उलझी” हुई है।

इसके साथ ही इस पत्र में सुब्रमण्यम स्वामी ने डॉ. सुधीर गुप्ता को स्वास्थ्य मंत्रालय या उनके वरिष्ठों को प्रतियां न देकर सीधे सीबीआई को रिपोर्ट भेजने के लिए दोषी ठहराया।

उन्होंने पत्र में लिखा कि “कूपर हॉस्पिटल की रिपोर्ट की परीक्षण करने के लिए एम्स के फोरेंसिक विभाग से मदद मांगी गई, जिसके लिए एम्स फोरेंसिक प्रमुख डॉ सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया। मगर डॉ सुधीर गुप्ता ने व्यक्तिगत रूप से इस मामले में भाग नहीं लिया बिल्कि जांच के लिए तीन सदस्यों की टीम को भेज दिया।”

“इसके बाद डॉ. गुप्ता ने समिति की समीक्षा रिपोर्ट सीबीआई को भेज दी, जो कूपर अस्पताल के पोस्टमार्टम के निष्कर्षों के साथ सम्‍मिलित है… अपनी रिपोर्ट में, विशेष समिति (एम्स) ने कूपर अस्पताल की रिपोर्ट में कई खामियां बताईं। फिर भी, यह कूपर अस्पताल के डॉक्टरों के निष्कर्षों से सहमत थे।” पढ़िए पूरा पत्र-

सुब्रमण्यम स्वामी ने डॉ. सुधीर गुप्ता को स्वास्थ्य मंत्रालय या उनके वरिष्ठों को प्रतियां न देकर सीधे सीबीआई को रिपोर्ट भेजने के लिए दोषी ठहराया। भाजपा नेता ने बताया कि एम्स समिति ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. रामास्वामी द्वारा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग 2001 के उन दिशा निर्देशों की अवहेलना का आरोप लगाया जिसमें लिखा था एक रिपोर्ट के बाद दूसरी रिपोर्ट किस तरह से की जाती है।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉ. सुधीर गुप्ता से संसदीय पैनल के सामने स्वामी द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब देने को कहा था। स्वामी ने पैनल से एम्स की रिपोर्ट के निष्कर्षों पर सवाल उठाते हुए पांच सवाल पूछे थे।

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