सीबीआई की मौजूदा टीम से छीना जा सकता है सुशांत मामला, 3 अगस्त को पटना हाईकोर्ट करेगी सुनवाई

सुशांत सिंह राजपूत का इस दुनिया को छोड़े एक साल से ज़्यादा का वक्त हो चुका है मगर अब तक इस मामले में कोई पुख्ता सबूत अभी तक जांच एजेंसी के हाथ नहीं लगे हैं। मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है, अब पटना हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें इस मामले की जांच सीबीआई की दूसरी टीम से कराने की मांग की है। जिसकी सुनवाई कोर्ट 3 अगस्त को करेगी। हालांकि फिलहाल इस मामले में कोर्ट ने किसी भी तरह का आदेश सीबीआई को देने से साफ तौर पर मना कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने कानून के छात्र द्विवेंद्र देवतादिन दुबे द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई की है। 

इस याचिका में कोर्ट को बताया गया कि सुशांत सिंह राजपूत के पिता की ओर से दायर राजीवनगर थाना की प्राथमिकी 241/20 को दर्ज कराई गई थी, जिसे कोर्ट की दखल के बाद 19 अगस्त 20 को सीबीआई को सौंप दिया गया, लेकिन अब तक सीबीआई द्वारा जो जांच की गई वो संतुष्टि देने वाली नहीं है। याचिकाकर्ता का मानना है कि जांच में लगी मौजूदा सीबीआई टीम को बदल कर किसी अन्य सीबीआई के सीनियर अधिकारी की एक टीम बनाई जाए और यह मामला उन्हें सौंप दिया जाए। इस याचिका में सीबीआई की टीम द्वारा जांच में उपयोग किये जाने वाले तरीके पर भी सवाल उठाए। 

इस याचिका में यह सवाल भी उठाया कि 14 जून को सुशांत संदेहास्पद तरीके से अपने घर में मिले थे। हालांकि मामले के 45 दिन तक इसमें कोई भी प्राथमिकी दर्ज नहीं करवाई गई, यह समय उपर्युक्त होता है किसी भी तरह के साक्ष्य को मिटाने के लिए। इस मामले में कई लोग शक के घेरे में थे, मगर सबूतों को मिटाने के लिए पूरा समय दिया गया। इसके साथ इस याचिका में दिशा सालियान के मामले की तरफ भी कोर्ट का ध्यान खींचा गया कहा गया सुशांत के जाने के कुछ दिन पहले उनकी एक्स मैनेजर ने भी दम तोड़ दिया यह कोई इत्तेफाक नहीं हो सकता। 

याचिका में यह भी कहा गया कि मुम्बई पुलिस ने माना है कि सुशांत की लंबाई 5 फीट 10 इंच है। सुशांत का शरीर पलंग पर था और छत से पलंग की ऊंचाई 5 फीट 11 इंच है। मात्र एक इंच ऊपर से कोई कैसे अपने प्राणों को छोड़ सकता है। इसी तरह की कई खामियों को इस याचिका में बताया गया है। याचिकाकर्ता है कि सीबीआई ने इस तरह की खामियों को नज़र अंदाज़ किया है। यही वजह है कि जांच टीम अभी तक किसी फैसले पर नहीं पहुंच पाई है। इसलिए जांच को मौजूदा टीम से छीन कर दूसरी टीम को सौंपने की बात कही है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को की जाएगी। 

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