सुशांत के केस में खर्च हो चुके हैं इतने करोड़ रुपए, मगर नहीं निकला कोई नतीजा

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के केस की जांच करीब 2 महीने तक मुंबई पुलिस ने की है। उसके बाद देश की सबसे बड़ी तीन जांच एजेंसियां ईडी, एनसीबी और सीबीआई इस केस की जांच में जुटी है। लेकिन 6 महीने बाद भी इस केस में कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। बता दे कि इतने लंबे समय तक इस हाई प्रोफाइल केस की जांच में कई बड़े अधिकारी लगे हुए हैं।

लेकिन फिर भी केस में कोई नतीजा सामने नहीं आया है। इन सब में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अभी तक इस केस की जांच में करोड़ों रुपए खर्च किए जा चुके हैं। यह पैसे देश की आम जनता के द्वारा भरे गए टैक्स से खर्च हुए हैं। जनता के पैसों को इस तरह स्वाहा करने के बाद भी कोई जांच एजेंसी इस केस में लीड हासिल नहीं कर पाई हैं। केस में खर्च हुआ पैसों का आंकड़ा करीब 5 करोड़ बताया जा रहा है। 

हाईप्रोफाइल लोगों से भी की पूछताछ

बता दें कि 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद मुंबई पुलिस ने एक ही दिन में इसे आत्महत्या का केस घोषित कर दिया था। जिसके बाद मुंबई पुलिस ने कई हाईप्रोफाइल लोगों से पूछताछ की। वहीं बिहार पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद इस केस को सीबीआई को सौंप दिया गया।

सीबीआई के साथ-साथ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और ईडी भी लंबे समय से इस केस की जांच कर रही है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने भी बॉलीवुड के कई स्टार से पूछताछ की। लेकिन अंत में किसी भी जांच का कोई नतीजा सामने नहीं आया। 

करोड़ों रुपए हो गए खर्च

बता दे कि मुंबई पुलिस और जांच एजेंसियों के अधिकारियों की जांच के बावजूद केस अब तक वही हैं जहां पर पहले था। केस में कोई भी नतीजा सामने नहीं आया है। लेकिन जांच की वजह से इतने अधिकारी कई बार मुंबई से लेकर दिल्ली का हवाई सफर तय कर चुके हैं। इसके साथ ही कई तरह की फॉरेंसिक टेस्टिंग से लेकर अलग अलग तरह की जांच में पैसे खर्च किए गए हैं।

देश की जनता के द्वारा दिए गए टेक्स के करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी इतनी बड़ी जांच एजेंसियां केस के बारे में कुछ नहीं कह पाई है। सीबीआई का अब भी यही मानना है कि सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की है। हालांकि वे हर एंगल से इस केस की जांच कर रहे हैं। यहां तक कि सीबीआई ने इस केस से जुड़ी कोई भी अपडेट शेयर नहीं की है। इस वजह से जनता बहुत नाराज है।

सीबीआई के 50 अधिकारियों ने की जांच

इस केस की जांच में मुंबई पुलिस के 4 दर्जन से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी 2 महीने तक जुटे रहे। वहीं सीबीआई और ईडी के भी 50 से ज्यादा अधिकारियों ने इस केस की जांच की है। यहां तक की दिल्ली से एक स्पेशल टीम भी इस केस की जांच के लिए भेजी गई। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम तो इस केस की जांच में बार-बार दिल्ली से मुंबई का हवाई सफर तय करती रही।

इसके बाद भी वे सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े कोई भी अहम सबूत नहीं जुटा पाई। अगर इस केस में जुटे हुए सभी अधिकारियों की सैलरी, उनके हवाई टिकट के पैसे, रहने खाने में हुआ खर्च लेकर अन्य खर्च जोड़े जाए तो यह आंकड़ा करीब 5 करोड़ तक पहुंच गया है। इसका मतलब साफ है कि जनता के करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी कोई जांच एजेंसी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। उन्होंने केवल जनता के पैसे बर्बाद किए हैं। 

लोकेन्द्र शर्मा प्राधान सम्पादक न्यूज मेनिया पिछले 10 सालों से वेब समाचार की दुनिया में कार्यरत हैं। आपने Wittyfeed, Laughing Colours, MP news, News Trend, Raj express, Ghamasan news जैसी संस्थाओं में अपनी सेवाएं दी हैं। तथा वर्तमान में आप हमारी संस्था के साथ जुड़ कर लोगों के इंटरटेनमेंट का ध्यान रख रहे हैं।

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