उद्धव ठाकरे के खिलाफ ट्वीट करने वाला व्यक्ति हाईकोर्ट में करे याचिका दायर, सुप्रीम कोर्ट नहीं करेगा सुनवाई

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर हैं। सुशांत सिंह राजपूत मामले और रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के बयानों के चलते सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा मुख्यमंत्री और उनके बेटे पर फूटा है। मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर बहुत आपत्तिजनक ट्वीट्स की गई हैं।

यहां तक कि इस मामले में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए कई लोगों की गिरफ्तारी भी की है। बता दे कि मुख्यमंत्री और उनके बेटे पर आपत्तिजनक ट्वीट करने वाले के समीर ठक्कर ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी जमानत याचिका लगाई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका पर विचार करने से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी के वकील को कहा है कि उन्हें यह याचिका हाईकोर्ट में दायर करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक हाई कोर्ट भी उनके अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम है।

हाई कोर्ट कर सकता है अधिकारों की रक्षा

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की बेंच ने आरोपी समीर की याचिका के बारे में बात करते हुए कहा है कि, उन्हें इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक लाने की जरूरत नहीं है। वह क्यों सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं जबकि इस मामले में हाईकोर्ट भी उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि, हाई कोर्ट के पास इस मामले में उन्हें जमानत देने या फिर केस को ट्रांसफर करने की पॉवर है।

वही वकील ने सुप्रीम कोर्ट को दलील देते हुए कहा है कि, समीर को जमानती मामले में गिरफ्तार किया गया है। ऐसे में सुनवाई ना करके इससे सुप्रीम कोर्ट को ही आघात पहुंचेगा। जिस पर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि, वे लोग दिन-रात इस तरह के मामले देखते हैं और इससे कोर्ट को कोई आघात नहीं होगा। वही विरोधी वकील का भी कहना है कि, इस मामले में वह समीर की जमानत का विरोध नहीं करेंगे क्योंकि उनसे इस मामले में पहले ही पूछताछ हो चुकी हैं।

एक आरोप में मिल गई है जमानत

बता दें कि समीर ठक्कर पर मुख्यमंत्री और उनके बेटे के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट करने के लिए 3 प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जिसके बाद समीर को 24 अक्टूबर को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया गया था। तब से ही वह जेल में सजा काट रहे हैं। वही नागपुर में उनकी रिमांड के दौरान उनसे ट्वीट को लेकर सवाल किए गए थे।

बता दे कि समीर को इसके बाद एक मामले में कोर्ट से जमानत मिल गई है। उनके वकील ने बताया है कि समीर को ₹25000 नकद जमा करने के बाद मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट करने के मामले में साइबर सेल पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआइआर में जमानत मिल गई हैं। वही अब भी उनके खिलाफ दो अन्य थानों में शिकायत दर्ज हैं जिन पर अब हाईकोर्ट सुनवाई करेगा।

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