90 प्रतिशत लोगों को नहीं पता है HIV के शुरुआत की ये कहानी, आदमी और औरत नहीं बल्कि यह था पहला एड्स पॉजिटिव

आज के दिन यानी की एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को सबसे पहले आज ही के दिन 1988 में मनाया था। इस दिन को इसलिए मनाया जाता है ताकि लोग इस बीमारी को गंभीरता से ले और इसके बारे में हमेशा सजग रहे। लोगों में फ़ैल रही जानकारी की वजह से ही आज लोगों के मन में पल रही एड्स के प्रति विभिन्न तरह की भ्रान्ति दूर हुई है, जो सालों से लोगों के दिमाग में थी। मगर इतनी जागरूकता के बाद भी दुनिया में कई ऐसे गरीब और पिछड़े देश आज भी है जहाँ इसे ले कर अब भी कई तरह की ग़लतफ़हमी प्रचलित है यही वजह है कि वहां आज भी इस बीमारी की रोकथाम नहीं हो पाई है। 

आप सब इस बारे में तो जानते ही होंगे की एड्स किस वजह से फैलता है, मगर क्या आप यह जानते हैं कि इस बीमारी की शुरुआत कैसे हुई थी ? और इसका पहला मरीज कौन था ? अगर आपको नहीं पता तो आर्टिकल को अंत तक पढ़िए आपके लिए इसमें जानकारी का भंडार है।

गौरतलब है कि एड्स आज तक एक लाइलाज बीमारी है, इसका अभी तक कोई पक्का इलाज नहीं मिल पाया है।  हालांकि अगर सावधानी बरती जाए तो इससे बचा जा सकता है। माना जाता है कि असुरक्षित संभोग इसके फैलने का प्रमुख कारण है।  

तो आइये जानते हैं कि यह एड्स आखिर आया कहां से और इसका पहला मरीज कौन था। आपको जानकर हैरानी होगी की  एड्स का पहला मरीज कोई इंसान नहीं बल्कि एक चिंपांजी था। यह जान लेने वाली बीमारी चिंपांजी के शरीर में पहले से मौजूद थी। मगर अब यहां सवाल यह उठता है कि यह बीमारी इंसानों में कैसे आई ?

HIV से पीड़ित इस व्यक्ति ने एक शिकारी पर हमला कर दिया था और इसकी वजह से शिकारी लहुलुहान हो गया था। बाद में शिकारी ने भी चिंपांजी पर भी जवाबी हमला किया जिससे चिंपांजी भी लहूलुहान हो गया, इसी गुत्थम गुत्था में चिंपांजी का खून शिकारी की रगो में चल गया और यहाँ से इंसानों के शरीर में HIV की शुरुआत हुई। 

मगर इस कहानी में एक पेंच भी है, दरअसल अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की रिपोर्ट इस कहानी को नहीं मानती है। उनका यह मानना है की एड्स फैलने की मुख्य वजह गे कपल है, रिपोर्ट्स के अनुसार 1981 में अमेरिका के लॉस एंजिलिस में 5 युवक इस वायरस से संक्रमित पाए गए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.