इंटरनेट पर चर्चा में आये पीले रंग के तरबूज की यह है पूरी हकीकत, दो लाख रुपये लगा कमा सकते हैं ढेरों रुपये

मौसम बदलने के साथ घर के इंटीरियर के साथ-साथ व्यक्ति अपना फैशन तक बदल लेते हैं। वहीं किचन में भी आपके फ्रूट्स बदल जाएंगे। सर्दी वाले फ्रूट्स अब टाटा बाए-बाए कह देंगे और गर्मियों वाले फ्रूट्स आपके फ्रीज की शोभा बढ़ाएंगे। मगर आपने एक बात जरूर नोटिस की होगी कि जिस तरह आप एक ही तरह का कपड़े पहनो तो बोरियत होने लगती है। उसी तरह एक ही रंग के फ्रूट्स सालों से खा कर भी कई बार बोरियत होने लगती है। सोचो अगर आपको बाज़ार में रंग बिरंगे फ्रूट्स मिले तो कैसा रहेगा? जी हां अब रंग बदलने का वक्त आ गया है और यह रंग बदला है हमारे लाल तरबूज ने, तो आइए इसके बारे में और बातें जानते हैं। 

कहते हैं गर्मियों में जितना हो सके उतना तरबूज खाना चाहिए। इसकी वजह है तरबूज के अंदर का पानी, जो हमारे शरीर में पहुंच कर गर्मियों में पानी की कमी नहीं होने देता। यही वजह है कि डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं। मगर आज हम आपको लाल नहीं पीले रंग के तरबूज को खाने की सलाह देने वाले हैं। जिसकी खेती हमारे देश का ही एक किसान कर रहा है। तो आइए जाने है पीले तरबूज के गुणों के बारे में और भी बातें। 

कर्नाटक के बासवराज पाटिल इस तरबूज की खेती करते हैं। वे बताते हैं कि भले ही उनका तरबूज लाल ना हो कर पीला है। मगर इसकी मिठास और पौषक तत्व लाल से कहीं ज़्यादा बेहतर है। इसलिए आजकल लोग इस पीले तरबूज को बंपर तरीके से खरीद रहे हैं। बाहर से तो यह तरबूज आपको अन्य तरबूज की तरह सामान्य ही लगेगा मगर जब इस तरबूज को आप अंदर से देखोगे तो यह पीले रंग का निकलेगा। पाटील ने बताया कि पुरानी चीज़ की जगह जब भी मार्केट में नई चीज आती है तो उसकी डिमांड अपने आप बढ़ जाती है। यही वजह है कि इस पीले रंग के तरबूज से कमाई भी बहुत अच्छी हो रही है। 

पाटिल के अनुसार लाल रंग की तरबूज की बाजाये पीले रंग का तरबूज ज़्यादा मुनाफा दे रहा है। उन्होंने इस पीले रंग की खेती में 2 लाख रुपए लगाये थे जबकि अभी तक वे इससे 3 लाख रुपये कमा चुके हैं। पाटिल के अनुसार अभी तो गर्मी की शुरुआत हुई ही है लिहाजा मुनाफे का आकंड़ा अभी और बढ़ेगा। पाटिल का मानना है कि किसानों को हेमशा खेती में भी नए प्रयोग करते रहना चाहिए।

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