शिवरात्रि पर जाने 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे शक्तिशाली बाबा केदारनाथ की यह कहानी, हर मनोकामना होगी पूरी

सृष्टि के रचयिता महादेव शंकर के देशभर में कई ऐतिहासिक मंदिर हैं। भगवान शंकर अमरनाथ से लेकर कन्याकुमारी तक विराजते हैं। भगवान शंकर के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग उत्तराखंड में स्थित है। बताया जाता है कि केदारनाथ ज्योतिर्लिंग सभी ज्योतिर्लिंगों में सबसे ज्यादा ऊंचाई पर स्थित है।

केदारनाथ की खूबसूरती देखते ही बनती है। केदारनाथ ना सिर्फ ज्योतिर्लिंगों में शुमार है बल्कि यह हिंदू धर्म के चार धामों में से एक हैं। हर साल हजारों लोग केदारनाथ के दर्शन करने जाते हैं। केदारनाथ दर्शन करके लोगों को शांति मिलती है और उनकी सभी परेशानियां खत्म होने लगती हैं। आज हम आपको केदारनाथ के इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं।

भगवान शंकर हुए थे धरती पर प्रकट

पौराणिक कथाओं के अनुसार जब जब धरती पर किसी राक्षस का आतंक बड़ा था तब भगवान शंकर धरती पर प्रकट हुए थे। वे कुल 12 बार लोगों की मदद करने के लिए उनके सामने प्रकट हुए। जिस भी स्थान पर लोगों ने साक्षात भगवान शंकर को देखा वह स्थान ज्योतिर्लिंग हो गए‌। उत्तराखंड स्थित केदारनाथ 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

केदारनाथ जाने वाले व्यक्ति पर शिव की असीम कृपा बरसती है। माना जाता है कि केदारनाथ के दर्शन करने पर व्यक्ति शंकर भगवान के दिल में बस जाते हैं। केदारनाथ को धरती का शिवलोक भी कहा जाता है। बता दें कि पंच केदारों में केदारनाथ, रुद्रनाथ, कलपेश्वर, मध्येश्वर और टुंगनाथ शामिल है। वही अन्य ज्योतिर्लिंगों में महाकाल, ओमकारेश्वर आदि अन्य ज्योतिर्लिंग शामिल हैं।

दर्शन करने वाले को होती है मोक्ष की प्राप्ति

माना जाता है कि जो भी व्यक्ति केदारनाथ जाकर भगवान शंकर के दर्शन कर लेते हैं उसे निश्चित रूप से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहां आकर व्यक्ति के सारे पाप धुल जाते हैं। यहीं वजह है कि हजारों की संख्या में लोग अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए भी केदारनाथ जाते हैं।

पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार स्वयं शिव जी ने माता पार्वती को बताया था कि, केदारनाथ इतना पुराना स्थान है जितने कि वह खुद है। इसके आगे भगवान शंकर ने कहा था कि, केदारनाथ में ही उन्होंने सृष्टि की रचना करने के लिए ब्रह्मा के रूप में परब्रह्मत्व को प्राप्त किया था। तभी से केदारनाथ उनका ही एक घर बन गया। यही वजह है कि यह जगह बिल्कुल स्वर्ग जैसी है।

पंच केदार पर प्रकट हुए थे अंग

बता दें कि जब धरती के कल्याण के लिए भगवान शंकर केदारनाथ में प्रकट हुए थे तब उनके अंग केदारनाथ के अलावा आसपास के पंच केदार में भी प्रकट हुए थे। कथाओं के अनुसार पांडवों ने भी अपने पापों का प्रायश्चित पंच केदार में ही पूजा करके किया था। बता दे कि देशभर में मौजूद सभी ज्योतिर्लिंगों में बाबा केदारनाथ के पास सबसे ज्यादा शक्ति हैं।

इस शक्ति की तुलना उस शक्ति से की जा सकती है जो कि भगवान शंकर की तीसरी आंख खुलने पर विनाश कर देने वाली शक्ति है। ऐसा माना जाता है कि जिस व्यक्ति ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए हैं। भगवान शंकर स्वयं उससे मिल लिए है। बता दे कि केदारनाथ के कपाट दीपावली की अगले दिन बंद कर दिए जाते हैं। 6 महीने के बाद गर्मियों में फिर से केदारनाथ के कपाट खुलते हैं।

लोकेन्द्र शर्मा प्राधान सम्पादक न्यूज मेनिया पिछले 10 सालों से वेब समाचार की दुनिया में कार्यरत हैं। आपने Wittyfeed, Laughing Colours, MP news, News Trend, Raj express, Ghamasan news जैसी संस्थाओं में अपनी सेवाएं दी हैं। तथा वर्तमान में आप हमारी संस्था के साथ जुड़ कर लोगों के इंटरटेनमेंट का ध्यान रख रहे हैं।

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